कंप्यूटर कीबोर्ड की जानकारी हिंदी में

कंप्यूटर कीबोर्ड की जानकारी हिंदी में, Computer keyboard ki jankaari

कंप्यूटर कीबोर्ड की जानकारी हिंदी में
पीसी के जिस भाग द्वारा हम उस तक अपनी बात पहुंचाते हैं वह वी.डी.यू. के साथ जुड़ा हुआ की-बोर्ड है इस पर हम अपनी अंगुलियों से अलग-अलग बटन या कुंजी दबाकर कोई आदेश या डाटा टाइप करते हैं जो कुछ भी हम टाइप करते हैं यदि वह दिखाने लायक होता है तो टाइप करने के साथ ही स्क्रीन पर दिखाया जाता है.

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आदेश यार डाटा पूरी तरह टाइप हो जाने पर एक खास रिटर्न या एंटर को दबाकर वह आदेश या डाटा पीसी में भेज दिया जाता है.

कंप्यूटर कीबोर्ड की सहायता से हम कंप्यूटर की सभी शक्तियों और क्षमताओं का प्रयोग कर सकते हैं इसलिए कीबोर्ड जितना सरल और सुविधाजनक होगा कंप्यूटर भी उतना ही अधिक यूजर फ्रेंडली होगा.

यूं तो कीबोर्ड अलग अलग तरह के पीसी और उनको बनाने वाली कंपनी के अनुसार कई तरह के होते हैं लेकिन मुख्य रूप से दो प्रकार के कीबोर्ड उपलब्ध हैं
101 कुंजियों वाला की-बोर्ड
104 कुंजियों वाला की-बोर्ड

अब आप कंप्यूटर कीबोर्ड की जानकारी हिंदी में मैं पढ़ेंगे जिसमें कीबोर्ड की कुंजियों की फुल जानकारी दी गई है.

कंप्यूटर कीबोर्ड की जानकारी हिंदी में

मुख्य की-बोर्ड

यह एक साधारण अंग्रेजी टाइपराइटर के कीबोर्ड जैसा होता है इसमें रोमन लिपि के सभी अक्षर, अंक कुछ विशेष चिन्ह, विराम चिन्ह तथा दो शिफ्ट कुंजियां होती हैं मुख्य कीबोर्ड लगभग सभी की-बोर्डों में एक जैसा ही होता है.
फ़ंक्शन कुंजियां
इन बटनों में F1 से F12 तक नाम लिखे होते हैं. किसी-किसी की-बोर्ड में 20 फ़ंक्शन कुंजियां भी होती हैं यह बटन वास्तव में पूरे आदेश के बराबर हैं इन सब में एक एक ऐसा आदेश कर दिया जाता है जिसकी हमें बार-बार जरूरत पड़ती है कई की-बोर्डों में यह आदेश पहले से भरे होते हैं जिनको बदला नहीं जा सकता लेकिन ज्यादातर की-बोर्डों में हम अपनी इच्छा से कोई भी आदेश कर सकते हैं और जब भी चाहे बदल भी सकते हैं इनका उपयोग प्राय: कंप्यूटर पर उस समय चल रहे प्रोग्राम पर ही निर्भर करता है दूसरे शब्दों में अलग-अलग प्रोग्रामों के लिए इनका अलग अलग उपयोग होता है.
इन बटनों का प्रयोग करने से हमारा काफी समय बच जाता है उदाहरण के लिए मान लीजिए कि हमें कोई काम बार-बार कराना पड़ता है उसका एक तरीका तो यह है कि उसके लिए आदेश हर बार टाइप किया जाए इसमें समय तो लगता ही है गलतियां होने का भी डर रहता है जिसमें और ज्यादा समय खराब होता है अगर हम उस आदेश को किसी फंक्शन तुझी में भर दे तो केवल एक बार एक उंगली दबाने से आदेश टाइप हो जाएगा यानी उस आदेश का पालन शुरू हो जाएगा.

संख्यात्मक कीपैड

कीबोर्ड के दाएं भाग में केलकुलेटर जैसा एक कुंजी समूह होता है इसमें 0 से 9 तक सभी अंक, दशमलव बिंदु, धन (+), ऋण (-), तारा (*) तथा फ्लैश (/) के बटन भी होते हैं कुछ बटनों पर अंक के नीचे कुछ और भी छपा होता है,
जैसे एक वाले बटन पर ‘End’, 2 बाले पर नीचे की ओर जाने वाले तीर का चिन्ह (⬇️)आदि.

इस समूह के बटनों से संख्यात्मक डाटा भरने का कार्य किया जाता है हम कंप्यूटरों में जो डाटा भरते हैं उन में 90% से भी ज्यादा डाटा संख्यात्मक होता है अतः संख्यात्मक डाटा को जल्दी और अच्छी तरह टाइप करने के लिए अलग कीपैड बनाया गया है जैसे इनका असर ठीक है वही है जो मुख्य कीबोर्ड में लगी कुंजियों का है.

इस कीपैड से संख्याएं टाइप करने के लिए हमें संख्यात्मक लॉक नामक बटन को दबा देना पड़ता है जब यह बटन दबा रहता है अर्थात ऑन रहता है तो इस कीपैड की कुंजियों से उन पर ऊपर लिखे अंक या चिन्ह टाइप होते हैं और यदि बटन उठा हुआ अर्थात ऑफ होता है तो बटनों पर चीन लिखे हुए कार्य होते हैं किसी की-बोर्ड में NUMLOCK के ऑन ऑफ होने का ज्ञान उस में लगी एक लाइट से जलता है.

कर्सर कंट्रोल कुंजियां

इन बटनों पर तीर के चिन्ह बने रहते हैं जैसे➡️,⬅️,⬇️ और ⬆️ इनसे कर्सर को क्रमशः दाएं-बाएं नीचे तथा ऊपर ले जाया जा सकता है. इन बटनों को एक बार दबाने से कर्सर उन पर छपे तीर की दिशा में एक स्थान दाएं बाएं अथवा एक लाइन ऊपर या नीचे चला जाता है.

इसके अलावा कर्सर को कंट्रोल करने की चार कुंजियां और होती हैं जिन पर Home,End,Pg Up और Pg Dn लिखा रहता है.

Home कुंजी – होम (Home) बटन दबाने से कर्सर स्क्रीन के ऊपरी बाएं कोने पर या किसी फाइल के शुरू में चला जाता है.

End कुुुंजी – End कुंजी दबाने पर कर्सर स्क्रीन के निचले दाएं कोने पर या किसी दस्तावेज़ के अंत में पहुंच जाता है.

Pg Up कुंंजी – किसी दस्तावेज या फाइल के पिछले पेज पर कर्सर को ले जाने का काम करती.

Pg Dn कुंजी – इसी तरह पेज डाउन (Pg Dn) कुंजी कर्सर को दस्तावेज के अगले पेज पर ले जाती है अगर फलिया दस्तावेज का कोई पिछला अगला पेज नहीं है तो पेज अप और पेज डाउन बटनों का कोई असर नहीं होता.

कैपीटल लॉक कुंजी

जब मुख्य की-बोर्ड पर हम किसी अंग्रेजी अक्षर वाले बटन को दबाते हैं तो ज्यादातर की-बोर्ड में वह अक्षर छापे के छोटे अक्षरों में टाइप होता है, लेकिन यदि कैपिटल लॉक कुंजी को एक बार दबा दिया जाए तो सभी अक्षर छापे के बड़े अक्षरों में टाइप होंगे.

इस कुंजी को दुबारा दवा देने पर यह प्रभाव खत्म हो जाता है, यानी अक्षर फिर से छापे के छोटे अक्षरों में आने लगते हैं. वास्तव में इस बटन का असर अक्षरों वाली कुंजियों पर उसके साथ शिफ्ट कुंजी को दबाए रखने के बराबर होता है, परंतु दूसरे बटनों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता.

शिफ्ट कुंजियां

टाइपराइटरो की तरह अगर किसी शिफ्ट कुंजी को दबाए रखकर किसी अक्षर को टाइप किया जाए, तो वह छापे के बड़े अक्षरों में आता है लेकिन यदि कैपिटल लॉक कि पहले से दबी हुई है, तो शिफ्ट कुंजी का असर उल्टा हो जाता है, यानी इस कुंजी के साथ कोई अक्षर टाइप करने पर छापे के छोटे अक्षर आते हैं.

जिन बटनों पर दो चिन्ह लिखे होते हैं उन्हें शिफ्ट के बिना दबाने पर नीचे लिखा चिन्ह आता है और शिफ्ट के साथ दबाने पर ऊपर वाला चिन्ह टाइप होता है ऐसे बटनों पर केपिटल लॉक कुंजी का कोई प्रभाव नहीं होता.

टैब कुंजी

इस बटन की सहायता से हम कर्सर को किसी लाइन में पहले से तय किए हुए स्थानों तक कुदाते हुए ले जा सकते हैं इसकी सहायता से हम पैराग्राफ, कॉलम आदि बना सकते हैं कुछ सॉफ्टवेयर पैकेजों में इस कुंजी का प्रयोग किसी मैन्यू में पसंद चुनने या कोई सहायता लेने के लिए भी किया जाता है वर्ड प्रोसेसर में इसका उपयोग शब्दों के बीच अधिक स्पेस देने में किया जाता है.

बैक स्पेस कुंजी

इस बटन को दबाने से कर्सर के ठीक बायीं ओर बाला चिन्ह गायब हो जाता है और कर्सर एक स्थान पीछे की ओर चला जाता है इस कुंजी का प्रयोग टाइपिंग में स्पेलिंग की गलतियों को सुधारने के लिए किया जाता है.

रिटर्न या एंटर कुंजी

यह कुंजी स्क्रीन पर तैयार किए गए डाटा या आदेश को कंप्यूटर में भेजने का कार्य करती है, रिटर्न या एंटर दबाने से कंप्यूटर को पता चल जाता है कि हमने टाइपिंग का काम पूरा कर लिया है और अब कंप्यूटर अपना काम शुरू कर सकता है, यानी हमारे आदेश का पालन कर सकता है, वर्ड प्रोसेसिंग प्रोग्रामों में रिटर्न या एंटर दबाने से नई लाइन या पैराग्राफ प्रारंभ हो जाता है.

डिलीट कुंजी

इस बटन दबाने से कर्सर वाला चिन्ह गायब हो जाता है. इसका उपयोग टाइपिंग की ग़लतियो को ठीक करने में किया जाता है. इसके दूसरे प्रयोग भी हो सकते हैं.

प्रिंट स्क्रीन कुंजी

इस बटन को दबाने पर उस समय स्क्रीन पर जो भी डाटा या सूचना हो, वह पीसी के साथ जुड़े प्रिंटर पर ठीक उसी तरह छप जाती है. कभी-कभी यह कुंजी शिफ्ट के साथ दवाई जाती है. अगर पीसी में प्रिंटर नहीं लगा है, तो इसका कोई असर नहीं होता, विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में कार्य करते समय यह कुंजी दबाने से स्क्रीन पर दिखाई पड़ने वाली समस्त सामग्री एक स्थान पर स्टोर हो जाती है, जिसे क्लिप बोर्ड कहा जाता है. आप क्लिप बोर्ड की सामग्री को किसी फाइल के रूप में भी सुरक्षित कर सकते हैं और छाप सकते हैं.

पॉज/ब्रेक बटन

इस कुंजी को दबाने पर स्क्रीन जहां है, वहीं रुक जाती है. अगर स्क्रीन पर कोई सूचना लंबी हो और वह इतनी जल्दी जल्दी आरही हो कि आप अच्छी तरह देख ना पाए, तो इस बटन को दबाते ही सूचना का आना रुक जाता है, जिससे कि आप उसे पढ़ सके. कोई दूसरी कुंजी दवा देने पर वह सूचना फिर से आने लगती है. यदि आपके की-बोर्ड में पॉज बटन नहीं है, तो आप कंट्रोल कुंजी के साथ ‘s’ दबाकर भी यही काम कर सकते है.

स्क्रॉल लॉक कुंजी

यह कुंजी पॉज बटन जैसा ही काम करती है, परंतु सूचना आना फिर से शुरू कराने के लिए आपको किसी और बटन के बजाय वही बटन फिर से दबाना पड़ेगा, यह इसलिए किया जाता है कि स्क्रीन पर दिखाई गई सूचना को आप अपने प्रिंटर पर छपवा सके और दूसरा बटन दबाने से वह गायब न हो जाए,

एस्ट कंट्रोल तथा अल्ट कुंजियां

यह बटन कुछ खास खास कामों के लिए दूसरे बटनों के साथ प्रयोग में लाए जाते हैं, उदाहरण के लिए कंट्रोल के साथ ‘c’ दबाने पर उस समय चल रहा हमारा प्रोग्राम वही खत्म हो जाता है. इन कुंजियों का काम और प्रयोग अलग-अलग पीसी के की-बोर्ड में अलग-अलग होता है. इसकी पूरी और सही जानकारी के लिए पीसी का मैनुअल देखना चाहिए. इसका उपयोग सॉफ्टवेयर के अनुसार बदलता रहता है.

रिसेट

ज्यादातर कंप्यूटरों में एस्क (ESC) कंट्रोल और अल्ट (ALT) यह तीन बटन एक साथ दबा देने पर कंप्यूटर में चल रहे सभी प्रोग्राम खत्म हो जाते हैं और पीसी अपनी शुरू की हालत में पहुंच जाता है जैसे आपने उसी समय शुरू किया हो कभी कभी कंप्यूटर रुक सा गया मालूम होता है वास्तव में उस समय कोई ऐसा प्रोग्राम चल रहा होता है जो ख़त्म नहीं होता यह प्रोग्राम की गलतियों से होता है ऐसी हालत में रिसेट करना जरूरी होता है नहीं तो कंप्यूटर को बंद करके फिर से चालू करना पड़ता है.

104 कुंजियों वाले की बोर्ड में ऊपर बताई गई कुंजियों के अलावा विंडोज में काम आने वाली 3 और कुंजियां होती हैं हालांकि उनका कोई विशेष उपयोग नहीं होता आजकल ऐसे कीबोर्ड भी उपलब्ध हैं जिन पर इंटरनेट के कार्य से संबंधित कई अन्य बटन लगे होते हैं

सभी की वोटों की अपनी विशेषताएं होती है हमारे द्वारा बताई गई जानकारी लगभग सभी की वोटों पर लागू होती है, परंतु पूरी और सही जानकारी कीबोर्ड के साथ मिले मैनुअल में ही मिल सकती है.

आपको यह मैनुअल अवश्य लेना चाहिए और एक बार पूरा पढ़ लेना चाहिए जरूरत पड़ने पर बीच बीच में भी मैनुअल देखते रहना चाहिए.

मुझे आशा है कि मेरे द्वारा बताई गई कंप्यूटर कीबोर्ड की जानकारी हिंदी में आपको पसंद आई होगी और इसे आप अपने दोस्तों के साथ शेयर.

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hindistudio

Author Since:  May 22, 2018

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