कंप्यूटर टर्मिनल की जानकारी

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Computer Terminal Kya Hai Iski Full Jaankaari Hindi Me

टर्मिनल (Terminal)
टर्मिनल एक ऐसा साधन है जो इनपुट और आउटपुट दोनों का काम करता है वैसे तो टर्मिनल कई तरह के होते हैं
परंतु हम सबसे ज्यादा पाए जाने वाले टर्मिनल की बात करेंगे इसके 2 मुख्य भाग होते हैं
एक वी.डी.यू. (Visual Display Unit) और दूसरा की-बोर्ड, वी.डी.यू. को मॉनिटर भी कहा जाता है.

वी.डी.यू. का आकार एक टेलीविजन जैसा होता है इसके पर्दे पर प्रोग्रामों के परिणाम के संदेश आदि दिखाए जाते हैं.
इसके साथ जुड़ा हुआ की-बोर्ड टाइपराइटरों के की-बोर्ड जैसा ही होता है,
परंतु इसमें बटन ज्यादा होते हैं उन बटनों के ऊपर चिन्ह या संकेत लिखे रहते हैं इससे पता चलता है कि कौन सा बटन किस काम के लिए है.
वी.डी.यू. दो प्रकार की होती है एक प्रकार की वी.डी.यू. सभी प्रकार के चिन्ह (अक्षर अंक तथा विशेष चिन्ह) दिखा सकती है,और दूसरी तरह की वी.डी.यू. सभी प्रकार के ग्राफ़, चित्र इत्यादि दिखा सकती है.

वी.डी.यू. एकरंगी (Monochrome) तथा वहुरंगी(Multi Colour) भी होती है, एकरंगी वी.डी.यू पर सूचनाएं या ग्राफ केवल एक रंग में दिखाए जा सकते हैं.
बहुरंगी वी.डी.यू का प्रयोग ज्यादातर ग्राफिक्स के कार्य के लिए किया जाता है.

वी.डी.यू के परदे का आकार 8 इंच से लेकर 20 इंच तक होता है इसमें 25 लाइनें होती है हर लाइन में 80 चीनी दिखाई जा सकते हैं
इस प्रकार एक बार में स्क्रीन पर 2000 चिन्ह दिखाई जा सकते हैं इसमें कुछ ही सेकेंडों का समय लगता है.
वी.डी.यू पर दिखाई जाने वाली हर सूचना या ग्राहक बहुत छोटे-छोटे चमकीले बिंदुओं से बनी होती है इन बिंदुओं को पिक्सल (Pixel) कहा जाता है.

वी.डी.यू के पर्दे पर एक चिन्ह के बराबर एक छोटी और चमकीली दोहरी लाइन होती है इसे कर्सर (Cursor) कहां जाता है टर्मिनल के की-बोर्ड पर जब हम किसी चिन्ह वाले बटन को दबाते हैं तो वह चिन्ह कर्सर वाली जगह पर उभर आता है और कर्सर एक स्थान आगे बढ़ जाता है इस तरह एक एक अक्षर या चिन्ह टाइप करके हम इनपुट की जाने वाली सूचना या आदेश तैयार कर लेते हैं.
यह सूचना तैयार हो जाने पर हम एक विशेष बटन दबाते हैं जिसका नाम है रिटर्न (Return) या एंटर (Enter) इस बटन को दबाने से स्क्रीन पर तैयार की गई सूचना कंप्यूटर में चली जाती है.

की-बोर्ड पर तीर के चिन्हों वाले भी कुछ बटन होते हैं इन बटनों की सहायता से हम कर्सर को स्क्रीन पर कहीं भी ले जा सकते हैं डाटा प्रेषित करते समय हमें तीर के चिन्हों वाले बटनों की जरूरत पड़ती है जिनसे हम कर्सर को ऊपर नीचे या दाएं बाएं कहीं भी ले जा सकते हैं.

वी.डी.यू टर्मिनल आजकल इनपुट आउटपुट का एक बहुत ही लोकप्रिय और सबसे ज्यादा पाए जाने वाला साधन है इसमें हम अपना इनपुट कंप्यूटर में भेजने से पहले अपनी आंखो से देख सकते हैं और अपना आउटपुट भी वही तुरंत देख सकते हैं इसमें कोई स्टेशनरी भी खर्च नहीं होती केवल थोड़ी सी बिजली खर्च होती है.

वी.डी.यू पर दिखाई जाने वाली सूचना थोड़ी देर के लिए ही होती है लेकिन हम उसके साथ एक छोटा सा प्रिंटर जोड़ सकते हैं जो वी.डी.यू पर दिखाई गई सूचनाओं को कागज पर छाप देता है ऐसे प्रिंटरों को हार्ड कॉपी उपकरण कहा जाता है.

वी.डी.यू पर सूचनाएं एक रंग में या कई रंगों में दिखाई जाती है इन दोनों तरह की वी.डी.यू को कंट्रोल करने के लिए अलग-अलग कंट्रोलर कार्ड होते हैं जो इन्हीं से काम लेते हैं इन दोनों तरह के कंट्रोल कार्डों का परिचय यहाँ दिया गया है.

1.मोनोक्रोम ग्राफ़िक एडेप्टर

यह कार्ड एक रंग की वी.डी.यू. पर टेक्स्ट डाटा या ग्राफिक आउटपुट दिखाने की सुविधा देता है स्क्रीन पर सूचना दिखाने का रंग काला – सफेद, हरा – सफेद, या आसमानी – सफेद हो सकता है टेक्स्ट डाटा के समय यस स्क्रीन पर 80-80 चिन्हों की 25 लाइनें दिखा सकता है इसमें चिन्हों के नीचे लाइन खींचने, टिमटिमाने, गहरा करने, उल्टे रंग में दिखाने आदि की सुविधा होती है.
ग्राफिक्स के समय स्क्रीन पर 720×”348 चमकीले बिंदुओं या पिक्सलों को दिखा सकता है. इससे चित्र बहुत साफ दिखाई पड़ता है किसी किसी भी वी.डी.यू. में चमकीले बिंदुओं की संख्या 640×200 होती है. चमकीला बिंदु स्क्रीन पर एक बहुत छोटा बिंदु होता है लगातार कई बिंदुओं के चमकने से एक रेखा दिखाई पड़ती है.

2.कलर ग्राफिक एडाप्टर

यह कार्ड कई रंगों वाली या एक रंग वाली वी.डी.यू. को कंट्रोल करने के लिए प्रयोग किया जाता है एक रंग की वी.डी.यू. के मामले में यह एक ही रंग को अलग अलग गहराई या हल्केपन के साथ दिखाता है जबकि बहुरंगी वी.डी.यू. पर यह 256 अलग अलग रंगों को एक साथ दिखा सकता है.
यह दो तरह से काम करता है टेक्स्ट तथा ग्राफिक्स टेक्स्ट दिखाते समय यह PC के पूरे चिन्हों जिसमें 256 चिन्ह होते हैं को दिखा सकता है यह स्क्रीन पर 40 या 80 चिन्हों वाली 25 लाइने एक साथ दिखा सकता है. ग्राफिक्स के समय इसमें चमकीले बिंदुओं की सघनता या संख्या एक रंग की वी.डी.यू. पर 640×480 तथा कई रंगों की वी.डी.यू. पर 320×200 होती है चमकीले हिंदुओं की संख्या ज्यादा होने से चित्र भी ज्यादा साफ नजर आता है.

3.वीडियो ग्राफिक एडेप्टर

यह कार्ड हजारो रंग वाली वी.डी.यू. को कंट्रोल करने के लिए प्रयोग किया जाता है इसमें भी टेक्स्ट तथा ग्राफिक्स दोनों एक साथ दिखाए जा सकते हैं टेक्स्ट दिखाते समय यह कलर ग्राफिक एडाप्टर की तरह कार्य करता है ग्राफिक्स के समय इसमें चमकीले हिंदुओं की सघनता या संख्या 640×480 से लेकर 1024×768 तक होती है इसमें चमकीले हिंदुओं की संख्या अधिक होने से चित्र भी बहुत साफ नजर आता है.
हमारी वी.डी.यू. कैसी भी हो उसके आगे की ओर की बिजली, चमक आदि को कंट्रोल करने के लिए सूचना बटन होते हैं इनमें से एक स्विच स्क्रीन की बिजली जलाने और बुझाने के लिए होता है दूसरे बटन से स्क्रीन की चमक जरुरत के अनुसार कम या अधिक की जा सकती है आजकल मोनोक्रोम ग्राफिक एडेप्टर तथा कलर ग्राफिक एडाप्टर का प्रयोग लगभग समाप्त हो गया है और केवल वीडियो ग्राफिक एडाप्टर वाली वी.डी.यू. ही उपलब्ध होती है.

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