system unit of computer in hindi

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system unit के बारे में जानेंगे कि computer में system unit क्या है.

सिस्टम यूनिट (System Unit)

यह भाग ही वास्तव में असली कंप्यूटर है. पीसी में होने वाले सभी काम इसी के द्वारा किए या कराए जाते हैं ,
और यही हमारे प्रोग्रामों को ठीक-ठाक चलने की गारंटी देता है.
पीसी के अन्य सभी भाग सिस्टम यूनिट (System Unit) के द्वारा ही काम करते हैं.
यह एक चौकोर बॉक्स होता है, जिसमें पीसी के मदरबोर्ड (Motherboard) सहित सभी काम करने वाले भाग सुरक्षित रहते हैं.

सिस्टम यूनिट (system unit) का आकार दो प्रकार का होता है- डेस्क टॉप टाइप (Desk Top Type) तथा टावर टाइप (Tower Type).

सिस्टम यूनिट (System Unit) का आकार कैसा भी हो, उसके सामने वाले भाग में नीचे दी गई चीजें जरूर होती हैं-

(1) पावर स्विच (Power Switch)

इस स्विच से कंप्यूटर को ऑन-ऑफ किया जा सकता है.

(2) रिसेंट बटन (Reset Button)

इस बटन के द्वारा हम अपने पीसी की बिजली बन्द किए बिना उसे शुरू से फिर चला सकते हैं.
यह बटन दबाने पर पीसी पर पहले से चल रहे सभी काम खत्म हो जाते हैं.

(3) फ्लॉपी डिस्क ड्राइव (Floppy Disk Drive)

हर पीसी की सिस्टम यूनिट में एक फ्लॉपी डिस्क ड्राइव अवश्य होता है, जिसमें सामने की तरफ से 3 1/4″ आकार की फ्लापी डिस्कैट लगाई जा सकती है.

(4) सीडी-रॉम ड्राइव (CD-ROM Drive)

प्रायः सभी पीसी की सिस्टम यूनिट में एक सीडी-रॉम ड्राइव भी होता है, जिसमें सीडी लगायी जा सकती है.

(5) यूएसबी पोर्ट (USB Port)

यूएसबी पोर्ट सिस्टम यूनिट में आगे या पीछे होता है. इसमें आप पैन ड्राइव या डाटा केबल लगाकर डाटा स्थानांतरित (transfer) कर सकते हैं।

सिस्टम यूनिट के पिछले भाग में उसको पीसी के दूसरे अंगों, जैसे वीडीय. की-बोर्ड, प्रिंटर, माउस आदि से जोड़ने के लिए पोर्ट (Ports) बने होते हैं.
इनके अलावा मुख्य लाइन या यू.पी.एस. से बिजली लेने के लिए उसमें प्लग लगाने के लिए सॉकेट (Socket) भी लगा होता है.

सिस्टम यूनिट में हमारे प्रोग्रामों का पालन करने वाले कई छोटे-छोटे पर्जे लगे होते हैं.
हालांकि इसमें लगे पूर्जा का स्थान अलग-अलग पीसी में अलग-अलग
हो सकता है.
सिस्टम यूनिट (system unit) का सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण भाग ‘मदरबोर्ड’ होता है. इसका परिचय आगे दिया गया है.

system unit में मदरबोर्ड (Motherboard) का महत्व

यह एक छपा हुआ इलैक्ट्रॉनिक सर्किट (Circuit) होता है. इसे सिस्टम बोर्ड (System Board) भी कहा जाता है.
इसमें पीसी के सभी इलैक्ट्रॉनिक पूजों के लिए जगह बनी होती है, जिन्हें किसी धातु (Metal) की पतली रेखाओं द्वारा एक-दूसरे से इस तरह जोड़ा जाता है कि एक कंप्यूटर का पूरा सर्किट बन जाए,
मदरबोर्ड पर निम्नलिखित इलैक्ट्रॉनिक पुर्जी या चिपों के लिए स्थान होता है-

(1) माइक्रो प्रोसेसर या सी.पी.यू. (Central Processing Unit)

यह पीसी का सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण अंग
है. जो हमारे आदेशों का पालन करके सभी काम करता है.

(2) रैम चिप (RAM Chip)

यह पीसी के काम करते समय जरूरी डाटा तथा प्रोग्राम को कुछ समय तक रखने के लिए होती है.
कंप्यूटर की बिजली बन्द कर देने पर रैम में रखा गया सारा डाटा खत्म हो जाता है.

(3) रॉम चिप (ROM Chip)

इस चिप में ऐसे प्रोग्राम और डाटा रखे जाते हैं, जो पीसी की बिजली चालू करते समय ही चलाए जाते हैं.
कंप्यूटर की बिजली चले जाने पर भी इसमें भरा डाटा या प्रोग्राम खत्म नहीं होते.

(4) को-प्रोसेसर का स्थान (Co-Processor Slot)

किसी-किसी पीसी में गणितीय क्रियाएं करने में सी.पी.यू. की सहायता के लिए एक और छोटा प्रोसेसर लगाया जाता है.इसे सहायक प्रोसेसर कहते हैं,
परन्तु यह प्रोसेसर तभी काम में आता है जब आपके प्रोग्राम में इसकी सहायता लेने का आदेश दिया गया हो.

(5) अतिरिक्त रैम चिप स्थान (Empty RAM Chip Slots)

रैम मैमोरी को और भी बढ़ाने के लिए ये स्थान छोड़े जाते हैं. यहां हम अलग से एक या अधिक रैम चिप लगाकर पीसी की मैमोरी का आकार बढ़ा सकते हैं.

(6) पावर सप्लाई बॉक्स (Power Supply Box)

पीसी के सभी (या ज्यादातर) पुों को लगभग 5 वोल्ट डी.सी. बिजली सप्लाई करने की जरूरत होती है,
लेकिन फ्लॉपी ड्राइव तथा हार्ड डिस्क ड्राइव को 12 वोल्ट डी.सी. की बिजली चाहिए,
यदि इन पुर्जी को घरेलू लाइन से जोड़ा जाए, तो सभी पुर्जे जल जाएंगे, क्योंकि घरेलू बिजली 220 वोल्ट ए.सी. की होती है.
इसलिए पीसी में एक ऐसा पावर सप्लाई बॉक्स लगाया जाता है, जो घरेलू ऊंचे वोल्टेज की बिजली को कम वोल्टेज की डी.सी. बिजली में बदल देता है.

(7) डिस्क ड्राइव कन्ट्रोल कार्ड (Disk Drive Control Card)

यह एक ऐसा सर्किट होता है, जो फ्लॉपी तथा हार्ड डिस्क ड्राइव की मोटरों तथा उनसे डाटा आने-जाने पर नियंत्रण रखता है.

(8) आउटपुट एडैप्टर कार्ड (Output Adapter Card)

यह पीसी की मैमोरी और आउटपुट साधनों (वीडीयू तथा प्रिंटर) के बीच की कड़ी का काम करता है.
जब भी कोई सूचना वीडीयू स्क्रीन पर दिखानी हो या प्रिंटर से छपवानी हो, यह कार्ड उस सूचना को मैमोरी से लेकर उसको बाइनरी से असली चिह्नों में बदलकर स्क्रीन या प्रिंटर को भेज देता है.

(9) स्पीकर (Speaker)

ज्यादातर पीसी में अलग-अलग तरह की आवाजें निकालने का इंतजाम होता है.
उन आवाजों को स्पीकर द्वारा उत्पन्न किया जाता है.”

(10) टाइमर (Timer)

यह एक तरह की घड़ी का काम करता है इसके अलावा मदरबोर्ड में और भी कई छोटे-छोटे पुर्जे लगाने का स्थान बना होता है.

I hope आपको समझ में आ गया होगा system unit क्या है।

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